गुस्सा एक बहुत ही गहरी और मजबूत भावना है, जो हर इंसान के जीवन में कभी न कभी जरूर आती है। यह भावना तब पैदा होती है जब हमें धोखा मिलता है, दिल टूटता है, या कोई हमारी इज्जत को ठेस पहुँचाता है। Best Angry Shayari Collection in Hindi इन्हीं भावनाओं को शब्दों के रूप में व्यक्त करने का एक खूबसूरत तरीका है।
इस शायरी में गुस्से के साथ-साथ दर्द, एटीट्यूड और आत्मसम्मान की झलक भी देखने को मिलती है। जब इंसान अपने दिल की बात सीधे नहीं कह पाता, तो वह अपनी भावनाओं को शायरी के जरिए व्यक्त करता है। यह कलेक्शन उन लोगों के लिए है जो अपने अंदर के गुस्से, दर्द और जज्बातों को शब्दों में ढालकर दूसरों तक पहुंचाना चाहते हैं।
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Gussa Shayari in Hindi
ऊपर से गुस्सा दिल से प्यार करते हो,
नज़रें चुराते हो दिल बेक़रार करते हो,
लाख़ छुपाओ दुनिया से पर मुझे ख़बर है,
तुम ख़ुद से भी ज्यादा मुझे प्यार करते हो।
नाराज क्यूँ होते हो, किस बात पे हो रूठे,
अच्छा चलो ये माना, तुम सच्चे और हम झूठे,
कब तक छुपाओगे तुम हमसे हो प्यार करते,
गुस्से का है बहाना और दिल से हम पे हो मरते।
उसकी यही अदा मुझको बेहद भाती है,
नाराज़ वो मुझसे हो जाती है,
और गुस्सा सबको दिखाती है।
गुस्सा ना करो इतना कि वो शिकायत बन जाये,
रहो ना दूर इतना की हम अकेले हो जाये,
दुनिया का एक रिवाज हमे भी पता है,
प्यार ना करो किसी से इतना की वो जरुरत बन जाये।
जिन्हें गुस्सा आता है, वो लोग सच्चे होते हैं,
मैंने झूठों को अक्सर मुस्कुराते हुए देखा है।
Gussa Wali Shayari
साथ छोड़ना बहुत मुश्किल है,
तुझसे नाता तोड़ना बहुत मुश्किल है,
तू जान है मेरे दिल की,
तुझसे रूठ जाना बहुत मुश्किल है।
बेपनाह मोहब्बत का एक ही उसूल है,
मिले या ना मिले, तू हर हाल मे कबूल है।
प्यार इतना कि मुझे पाने को हर वक्त,
खुदा से इबादत किया करती थी,
और गुस्सा इतना कि मुझसे लिपटकर,
मेरी शिकायत किया करती थी।
प्यार लफ़्ज़ों में नहीं होता, दिल में होता है,
और गुस्सा दिल मे नहीं, लफ़्ज़ों में होता है।
गुस्से में भी शब्दों का चुनाव ऐसा होना चाहिए,
की कल गुस्सा उतरे तो खुद की नजरों में शर्मिंदा ना होना पड़े।
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Itna Gussa Shayari
ना जाने क्यूँ नजर लगी जमाने की,
अब वजह भी मिलती नहीं मुस्कुराने की,
तुम्हारा गुस्सा होना तो जायज़ था,
लेकिन हमारी आदत छूट गई तुम्हे मनाने की।
मोहब्बत मे शक और गुस्सा वही करता है,
जो आपको खुद से भी ज्यादा प्यार करता है।
मुझे तेरे गुस्से से डर नहीं लगता,
तेरा गुस्सा तो मैं झेल लेती हूँ,
हाँ, दिल तो दुखता है बहुत तेरे गुस्से से,
लेकिन तुझे खोने के डर से चुप हो जाती हूँ।
बस यही सोचकर की, क्या कहेगा ये जमाना..
गुस्से को काबू में करके, पड़ता है मुझे मुस्कुराना..!
खत्म हो नाराज़गी हम पर,
हो जाए प्यार की बारिश..
गुस्सा उतर जाए उनका,
करते हैं हम खुदा से ये गुजारिश।
Bewajah Gussa Shayari
तुम्हे गुस्सा करने का हक़ है मुझ पर नाराजगी में,
ये मत भूल जाना कि हम बहुत प्यार करते है तुमसे।
गुस्सा बहुत आता है जब काबू में नहीं होता है,
जब नुकसान होता है तो दुख बहुत होता है।
दो-चार रोज को मौन भला, महीनों मातम में न बदल देना,
गले लगा लेना मुझको, या हो सके तो गला दबा देना मेरा।
कुछ पल का गुस्सा रोककर सब सही करना,
या कुछ पल के गुस्से के लिए,
सब ख़तम करना, यह सही नहीं।
लड़ते है दोस्तों से पर जीतना नहीं चाहते,
दोस्तों से कभी बिछड़ना नहीं चाहते,
जानते है कि जुदा करेगी जिंदगी एक दिन हमें,
हकीकत में भी हम वह दिन कभी देखना नहीं चाहते।
Cute Gussa Shayri
अब सितारों की रौशनी अच्छी नहीं लगती
तेरे बाद ये ज़िंदगी अच्छी नहीं लगती
गुस्से में वो मुझे छोड़ गई तन्हा
मुस्कुराना चाहुँ तो हँसी अच्छी नहीं लगती
गुस्से का, तुम देती
रहती हो हमेशा कोई सबब..
नाराजगी मिटाने का अब
करना पड़ेगा कोई करतब..
हर किसी पर खफा होते रहोगे
तो कैसे चलेगा साहब..
अगर रहोगे हमेशा गुस्सा तो
कैसे माफ़ करेगा मज़हब..
होते रहोगे तुम गुस्सा जब जब..
याद करोगे चाहत मेरी तब तब..
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Funny Gussa Shayari
गुस्से में बड़ी क्यूट लगते हो,
ये गलत फेमि है आपकी!!
आइने में देखो जाके एक बार,
तुम एक जंगली भूत लगते हो..!!
तेरी नज़रे झुकी है,
कोई कमल किया है क्या..!!
मुह कु है टिंडे जेसा फुला,
फिर तुम्हे गुस्सा आया है क्या..!!
दो मिनट का मज़ा है प्यार में,
फिर वो होंगे गुस्सा,
फिर लुट जाना तुमारा संसार है..!!
टिड्डी सा इश्क तेरा,
मच्छर सा दिल है,
गुस्से से मुह है इतना फुलाया,
मुह है या बतख का घर है..!!
दिल की दीवार में नाम आपका है,
जाओ पहले रेहट पोहच कर आओ,
अंदर दिल के रहना आपको ही है,
इसमें नुख्सान आपका ही है..!!
Alone Gussa Shayari
सर पर गुस्सा है और दिमाग मेरा खाली है,
ना जाने किसकी लगी है नज़र,
पर में हुआ हु क्या नाकाम,
अब गुस्सा ही आता है अक्सर..!!
मुह फुलाए रहना है अब अकेला,
क्युकी अब मुह देखने वाला साथ नहीं है..!!
अजनबी हो गया हु शायद गुस्से में,
पर ये अकेलापन आदत बन गया है..!!
रहने दो जेसा हूँ मुझे अकेला,
अब गुस्से के सिवा कुछ आता नही है हमको..!!
होता है क्या दर्द तुम्हे जब नाम मेरा आता है,
मुझे तो गुस्सा आता है जब भी नाम तुमारा आता है..!!
दिल की देहलीज़ पर जिसका नाम था,
गुस्से में अब वो मिल सा गया हैं..!!
Naraj Gussa Shayari in Hindi
न प्यार करने वाला चाहिए,
न साथ देने वाला चाहिए,
हमें चाहिए ही नहीं ऐसा कोई रिश्ता,
जो हमे, हमसे ही अलग करदे.
बाते कुछ अछि करो,
करनी है तोह दिल में रहो,
यूँ जाने की बाते करते हो,
निकलो और रास्ता खाली करो.
बादलों का गरजना,
और बारिश का बरसना,
मुझे दो चीज़ों की याद दिलाता है,
तुम्हारा गुस्से में गरजने,
और मेरे अश्क़ो का बरसना.
मोहब्बत का सफर भी आसान नहीं होता,
हर परिन्दे के नसीब में असमान नहीं होता,
दफ़न हो जाते है अरमान दिलो में घुट घुट कर,
सबके नसीब में मिलान का पूरा अरमान नही होता.
रात के अँधेरे में वह टूट जाती है,
अपनों की याद उसे बहुत आती है,
आँख में आंसू और दिल में एक तमना सी रह जाती है.
रिश्ते कभी नहीं बदलते,
पर रिश्ते निभाने वाले,
चंद लम्हे लगते है,
उनको बदलने में.
कदर करना सिख लो,
क्युकी न ज़िंदगी मिलती दुबारा न लोग,
कभी कभी दवा नहीं लगती,
हाल पूछने से ही ठीक हो जाते है.
Best Friend Se Gussa Shayari
आपके प्यार की कदर तो कोई अजनबी भी करेगा,
लेकिन केवल आपका अपना ही,
आपके गुस्से की कद्र करेगा।
तुझे गुस्सा दिलाना एक साजिश हैं मेरी
तेरा रूठ कर मुझपर यूँ हक़ जताना, अच्छा लगता हैं।
किस बात पर गुस्सा हो,
ये पूछने वाला अगर हो
तो मुस्कान कभी नहीं जाती।
यह प्यार वाला गुस्सा भी कितना अजीब होता है,
दोनों ऑनलाइन रहेंगे, एक दूसरे की डीपी भी देखेंगे,
लेकिन मैसेज नही करेंगे, और दोनों मैसेज के इंतेज़ार करेंगे।
आपको छोड़ना बहुत मुश्किल है,
आपके साथ संबंध तोड़ना बहुत मुश्किल है,
आप इस दिल को जानते हैं,
आपसे नाराज़ होना बहुत मुश्किल है।
Love Angry Shayari
जब भी आप हमसे गुस्सा हो जायँगे,
तो हम आप को हमारे हांथों की बनी चाय पिलायेंगे,
और जब हम गुस्सा होंगे, तो आप हमें आइसक्रीम खिलायंगे।
हर बात पर न यूँ हमें ग़ुस्सा करें हुज़ूर,
कुछ बद-मिज़ाज लोग भी हैं, जऱा देखा करें हुज़ूर।
की तेरा गुस्सा मुझे बहुत पसंद है,
तभी तो तुझे गुस्सा दिलाती हूँ,
मैं तेरी होकर भी तेरी कमजोरी नहीं,
तेरी ताकत बनना चाहती हूँ।
किसी बुज़दिल की सूरत घर से बाहर निकलता है,
मेरा ग़ुस्सा किसी कमज़ोर के ऊपर निकलता है।
कभी कभी मुस्कुराहटो से ज़्यादा, गुस्सा अच्छा लगता है।
क्योंकि मुस्कराहट तो सबके पास होती है,
पर गुस्सा वही इंसान करता है,
जो सबसे ज़्यादा प्यार करता है।
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